Tuesday, October 9, 2012

सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जनता है,


सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जनता है,
ये ख्वाब टूटे न ये कितना अच्छा होता, ये मेरा दिल चाहता है I


दिल मिला, प्यार मिला, हम भी मिले,
मगर लोगो ने, कब हमको मिलने से न रोका,
मै और तुम फिर भी साथ साथ है,
तू कितनी पास रहती हो हर दम,
ऐसा हर दम मुझको लगता है की,
कल तुम को कोई रोक न ले,
तुम भी मजबूर हो कर  न आओ,
सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जनता है,


कल कोई प्यार का सौदागर न आए,

ऐसी रूत न आए की प्यार चला जाए ,

प्यार का फसान बना ले दिल दीवाना,

कुछ तुम कहो कुछ हम सुने दिल की,

कल प्यार अमर हो जाए ऐसा कुछ कर डालें, 

सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जानता है,




मै आज तुझसे अपने दिल की बात करलुंगा,
तेरा साथ ही मेरा जीवन का साज बने,
इस साज पर एक तेरा ही तरना निकले,
मेरा दिल बार बार तेरी सूरत को चाहे,
बिन देखे तुझे हर दम पास ही पाऊँ तुमको,
आओ हम मिल कर एक हो जाय,
सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जानता है,


तू आ जा मेहदी हाथों मेमाहावर पैरों मे डाल कर ,

बिंदिया माथे,चूड़ी हाथों में,बीछूआ पांवो में डाल कर,

आंखो मे काजल,डँठों में मिस्सी,कानो में कुंडल डाल कर,

स्वर्ग की सुंदरी मेरा प्यार लिए आना, मै तेरे इंतजार में हूँ ,

मंगल  पावन  बेला को मेरे तेरे मिलन का इंतजार,  

सनम तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरा दिल जानता है,…..
            

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