Wednesday, October 31, 2012

तुमको कभी न जाने देता


 कोई सुन न पाये बातें अपनी,कानों मे कह देना,
तुम भी बैरन हो गई हो, मुसका के  बतला देना,    
मन चंचल हो जाता है जब भी तुम उदास होती हो,
लोगों से छुपने के बहाने तुम भी सोचती तो होगी,
इस तरह छुप-छुप के मिलने का अलग मजा है,
बिन बोले सारी बात बता कह देना भी एक कला है,
कभी भूल न जाना यादों मे अपनी यादें सँजो के रखना,
मौसम है मिलन का वक्त बेकार निकलने न पाये याद रखना,
बातों ही बातों मे न समय गुजर गया चलने की बेला है,
समय अगर हाथों मे होता तुमको कभी न जाने देता

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