सावन को आने दो,कुछ तो दिन चढ़ने
दो,
एक ही अपना साथी मौसम है प्यार का,
उनको भी जागने दो, रातों के खुमारी
हटने दो,
मेरा प्यारा सपना टूटे न,आँखों को
कुछ और बंद रहने दो,
रात बड़ी रहे तो मिलन की बात बड़ी बनती है,
उनके जागते ही फिर वही घर की बात चलेगी ,
जल्दी होगी जाने की, मेरे सपनों को
फिर से खोने की,
उनको रात बड़ी प्यारी है,में रहूँ पास उनके
न सोंचे जाने की,
रात हमारे मिलने की, खुशबू चारो ओर
मदमाती रहने की,
आज रात कुछ लंबी है,बयारे भी मंद मंद
है,
कोई तो बात होगी, मौसम के बदलने
की,
कुछ सर्द सर्द हुआ आलम, प्यार की हवा चली,
लगता है कोई अजनबी, राह भूलकर आया
मेरी गली ,
चलो आज फिर कुछ तो हवा की खुशबू बदलेगी,
चारो ओर कोई नई सुगंध तो फैलेगी ,सब कुछ बदलेगा,
सावन है हर रोज नई किरण को साथ
लिए कोई आएगा।
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