कहीं दबी दबी सी,
कहीं छिपी छिपी सी थी,
यही है तेरी मेरी प्रेम कहानी,
कभी बारिशों मे भीगे तो महक उठी,
तेरी मेरी प्रेम कहानी,
कभी तुम कहते रह गए,
कभी हम चुप रह गए,
वो पल वो लम्हे भी,
यूं हदों मे रह गए ,
कभी बरसा गगन कभी आँखें बरस गयी,
यही है तेरी मेरी प्रेम कहानी,
कभी तुम आगे चल दिये,
कभी हम पीछे रह गए,
कदमों के वो निशान,
लहरों मे न बह जाए ,
वो कल तो ख्वाब है,
इस पल को छुपा के रखना है हमे,
यही है
तेरी मेरी प्रेम कहानी।
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