Monday, October 8, 2012

उनसे मुलाक़ात होगी


आज मेरी  मुलाक़ात होगी उनसे,


जब उनके पास पास मैं भी  होऊंगा I  



कैसे बोलूँगा उनसे मिल कर,

न जाने कैसी सह होगी उनकी परछाई,

मै बोल न पाया तो वे क्या सोचेंगी,

शायद अंजान समझ कर इशारों मे बात कर लेंगी,

मैं भी उनको आंखो से कह दूंगा,

मै भी उनको दिल की बात इशारों मे कह दूंगा, 

आज मेरी  मुलाक़ात होगी उनसे,......

उनसे मुलाक़ात होगी



उनका आचल  लहराया, पायल की आवाज हुई,
हवा मे खुसबू का झोंका आया, 
छम छम नूपुर बजने लगेगे ,
खुसबु चारो ओर फैलेगी,
आने के अहसास होने लगेगा,
तब दिल भी धड़-धड़  धड़कने लगेगा,
मन आकाश मे उड़ने लगेगा,
सारी यादें आ कर फिर दिल बहलाएंगी,                            आज मेरी  मुलाक़ात होगी उनसे,..........

उनकी जुल्फें सावन की बदली,
उनका काजल शाम की सोभा,
उनके होंठ सवेरे की याद,
उनकी चाल मंद हवा को झोंका, 
उनकी खुसबु मन को खींचे, 
उनका आँचल मस्त-मस्त ,   
आज मुझे उनके साथ-साथ जीने का दिन आगया, 
मैं कैसे उनको पास-पास रखूँगा,
मेरे मन मेरा साथ, आज दीजियों, आज मेरी  मुलाक़ात होगी उनसे,.............

No comments:

Post a Comment