Thursday, October 18, 2012

रात कट जाय.........


रात कट जाय

अभी न जाओ छोड़ के , अभी तो दिन चढ़ा भी नहीं,
रात को रहने दो अभी, बात तो अभी तक हुई नहीं,
मिलन अपना अभी बाकी है, दिल की बात कही नहीं,
तुम चली जाओगी तो, दिल भी अभी उदास हो जाएगा, 
तुम्हें देख कर , जीने की चाहत हुई,नहीं तो जिंदगी जा रही थी,

कुछ बात ऐसी करो की रात  काटने न पाये,
चाँद आकाश मे रहे ,रात भर डूबने न पाये,
हमारी मुलाक़ात इतनी लंबी हो कि रात कट जाय ,
बात इतनी करो रात भर कि बात पूरी न हो पाय,
तुम चले जाओगे तो दिल बुझ जाएगा गम ही गम छा जायेगा,

कितने जन्मो के बाद यह रात आई है ,
रात क्या फिर से ज़िंदगी लौट आई है,
हजारो बरसों  कि बातें करने कि बेला है,
हमसे मिलने को तुम आसमान से आई हो,
कहीं बीत न जय शाम आओ बातें पूरी जाय हो,
कल मिलो न मिलो इसका गम न रहे आज मिल जाय.

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