Wednesday, October 10, 2012

इसे प्यार कहते हैं,


इसे प्यार कहते हैं,
तेरी जुल्फ सावन की घटा लगे तो , इसे प्यार कहते हैं,
तेरी खुसबु सदा हवा में महके तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरी पायल की रुन-झुन सुनाई पड़े हरदम तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरे अंचल की खुशबू हवाओ लगे तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरे न होने पर आस पास तेरा एहसास हो तो, इसे प्यार कहते हैं,
बिन तेरे तुझसे बातें करूँ दिल की तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरी बिंदिया की चमक दिखे दिन में तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरी चूड़ी खनके  कानों में हरदम तो, इसे प्यार कहते हैं,
तेरा मुखड़ा बंद आँख में दिखने लगे तो, इसे प्यार कहते हैं,
तुझे बाहों में भरूँ बार बार बिन तेरे तो, इसे प्यार कहते हैं,

तेरा काजल बदली बन छाये बिन तेरे तो, इसे प्यार कहते हैं,
तुझे ढूँढूँ अकेले में इधर-उधर तो, इसे प्यार कहते हैं,
हर लालरंग को देख तेरा माहावार याद आए तो, इसे प्यार कहते हैं,
अपने प्यार की खातिर  आजाओ मिलने तो, इसे प्यार कहते हैं,
किसी बहाने से आओ पास बैठने तो, इसे प्यार कहते हैं,


प्यार के खातिर ,प्यारी बन मिल जाओ तो, इसे प्यार कहते हैं,
इसे प्यार कहते हैंइसे प्यार कहते हैंइसे प्यार कहते हैं,
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