Friday, November 30, 2012

तो समझो प्यार हो गया

तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I
आँखें जब भर भर आवें,
मन में ऐसी टीस जगावे,
चेहरा कुछ मुरझा जावे,
जुल्फें के गुच्छे बन जावें,
काजल गालों पर बह जावे,
होंठों की लाली घट जावे,
तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I
नथ बेचारी लहरा न पावे,
कगन की आवाज न आवे,
तो समझो प्यार हो गया,I  
पायल की रुन–झुन रुक जावे,
कटि करधन चुप हो जावे,
चूड़ी रह रह खनक न पावे,
तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I
बिंदिया माथे पर लहरावे,
तन में उलझन फैली जावे,
आँखें चंचल सी हो जांवें,
चूनर सिर से सरकी जावे,
आँचल तन से लुढ़का जावे,
ठोढ़ी पर उंगली आ जावे,
तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I
गर्दन रह रह झटका खावे,
किसी काम की याद न आवे,
दिन भर मनसे याद न जावे,
हर दम चेहरा भूल ना पावे,
घड़ी घड़ी पर सरमाना आवे,
अपने को उसकी बाहों में पावे, 
तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I
रातें मुसकिल से कट पावे,
सुबह का सूरज जल्दी आवे,
बिस्तर पे सलवट पड जावे,
सारी रात पपीहा टेर सुनावे,
दांतों से उंगली कट कट जावे,
तन की खुसबू हर दम आवे,
तो समझो प्यार हो गया I तो समझो प्यार हो गया I

Thursday, November 29, 2012

प्यार में.......


किसी को क्या पता कितना गम उठाना पड़ता है प्यार में,
कोई किसी से प्यार करे तो जाने दुख क्यो होता है प्यार में, 
ठोकर खा के उठ जाता है मगर मूसिकल है उठना प्यार में,
जख्म भर्ता है दवा से दिल टूटता है तो मरहम नहीं प्यार में,
खुदा करे दुश्मन का भी दिल न टूटे कभी किसी के प्यार में,
अफ्नो से मिलता है जो जख्मेंदर्द दिखना मुसकिल प्यार में,
कोई न जाये उनकी गली में मिलेगा धोखा हि धोखा प्यार में,
उनको अपना बनाने का हुनर नहीं सिखाया किसी ने प्यार में,  
खंजर के घाव से भी गहरा घाव करती उनकी निगाहें प्यार में,
जाए तो मारे गए न जाये तो भी मारे गए हम उनके प्यार में,
काश वो भी दिल हारें किसी बेगाने परदेसी से उसके प्यार में,
पता तो चले जमाने को कैसे तड़फते है लोग किसी के प्यार में,
सब कुछ बदलता  है मगर नहीं बदला तो चलन प्यार में,
या पाये बौरात जग या जाए बौराये सब येसा होता प्यार में,
कंचन काया, आँखें मदहोश,बाल घुँघराले लगते सुंदर प्यार में,
मदहोशी की चाल मगर कदम स्थिर पर मन चंचल प्यार में,
धरती गगन हांथ में लेत हिलोरे चंचल मन येसा होता प्यार में,
साथी संग बिताई यादें बन जाती जैसे पीर पर्वत की प्यार में,
भूख न लागे प्यास मन चंचल सब बेगाने नहीं सुहाता प्यार में,
प्रेयसी की येसी दुर्दसा सबै भुलाबे तन मन बल बुदधी प्यार में,  
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Tuesday, November 27, 2012

हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,




आँखों की तकदीर बेचारी को क्या कहिए, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
आँसू दुख या सुख के आते आँखों में ही, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
भावों की तहरीर बदलती बार-बार  मगर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
समय बदला राग बदला आँसू बदले मगर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,

दोस्त मिले या बिछुड़े प्रेमी अपने प्रेमी से, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
माँ भेंटे या भाई-बहनें आते जाते पीहर से, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
साजन आए या जाये बिछुड़  कर परदेश, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
दुख-दर्दों में जीवन का साथ निभाते आँसू, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,

चलन बदलता हवा बदलती मौसम की, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
हर आहट पर दिल काँपे मन डोले पर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
कैसा आना  कैसा जाना कैसा मिलना, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
कोई साथी अपना साथ निभाता न निभाता, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,

Monday, November 26, 2012

तुम आओ जीवन सूना सूना है,


तुम आओ जीवन सूना सूना है,
राह रंगीली मौसम भीना भीना है,

मन खाली तन रूखा रूखा लगता है,
तेरे बिन अपना जीवन अधूरा लगता है,

हर समय तुम्हारी याद क्यों सताती है,
सायद तुम मुझसे मिलने को आती हो,

मुझको तेरा आँचल लहराता दिखता है,
काजल का अँधियारा दिन में लगता है,

बालों की खुसबू तेरे गजरे सी लगती है,
बिंदिया की चमक बिजली सी दिखती है,

पाजेब बजे तो मैं न जाने कहीं खो जाता हूँ,
तेरे आने की आहट से मै कुछ घबरा जाता हूँ,

शायद मैं कुछ कम  समझा हूँ तुमको,
मेरे संग चलो तो अपना समझूँ तुमको,

यही तो प्यार की पहचान है,


उसको बिन बोले खोजें किसी को,
यही तो प्यार की पहचान है,



 जब  तुम्हारे कुंडल की चमक रातों में बिजली बन चमके ,
बादलों की अंधेरी काली छाया तड़पती रोशनी में चमके,
सितारे भी आकाश गंगा में रह रह के टिमटिमाँ के चमके,
चंचल बिजली के साथ ताल मिलाके चाँदनी भी चमके,
तुम नहीं आना प्रिए धोखा हो जाएगा जब बिंदिया चमके,
यही तो प्यार की पहचान है,

राही भटक जाएँगे राह से जब तेरा हांथों का कंगन चमके,
तेरे नूपुरों की रून धुन सुन गुन गुन करते जुगनू चमके,
ओस की नन्ही नन्ही बूदें पत्तों पर मोती बन के चमके,
कण कण पे पानी घास के बीच बीच सितारों सा चमके,
प्रेमी कोई रास्ता न भूले रात में इसी से रातों को सब चमके,
यही तो प्यार की पहचान है,

किसी की याद में सितारे टिमटिमाते हैं आसमां में,
किसी से मिलने को कोई आता छिप के रात बाग में,
राहें  ताकती हैं रास्ता जाग जाग के उसका अंधेरे में,
कांटा पैर मे चुभ न जाये बिजली चमकती आशमाँ में,
हम भी कितने भोले हैं की खोजते नहीं उनको रात में,
यही तो प्यार की पहचान है,



मगर बहुत मजबूर हूँ कि मेरा दिल बदल नहीं सकता I


मगर बहुत मजबूर हूँ कि मेरा दिल बदल नहीं सकता I



जब भी चाहो अपना नाम बादल सकती हो,
अपनी मर्जी से पहचान बदल सकती हो,
बिन बताए अपना ठिकाना बादल सकती हो,
लिवास का क्या जमाने का चलन बदल सकती हो,
मगर बहुत मजबूर हूँ कि मेरा दिल बदल नहीं सकता I




किसी का हांथ थाम सकती हो अपनी मर्जी से,
किसी को दिल में बसा के रख सकती हो खुशी से,
किसी की खुसियों का घरौंदा तोड़ हकती हो खुशी से,
किसी का उजड़ा चमन आबाद कर सकती हो खुशी से,
मगर बहुत मजबूर हूँ कि मेरा दिल बदल नहीं सकता I

औरों की परवाह छोड़ आओ मिल जाएँ हम दोनों,
चलो फिर से दोस्ती की कसमें खा लें हम दोनों,
कदम से कदम मिला करके चलने लगें हम दोनों,
साथ साथ खाई जो कसमें निभाने लगें हम दोनों,
मगर बहुत मजबूर हूँ कि मेरा दिल बदल नहीं सकता I
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Wednesday, November 14, 2012

Chacha Nehru Amar Rahein



Chacha Nehru Amar Hain


Chacha Nehru Amar Rahein, Chacha Nehru Amar Rahein

yoon to jiwan ki khushali hai bachchon se,
sare sapnon ki tahreer bani hai bachchon se,
har ghar ka ujiyara hota hai bachchon se,
sapnon ke pankh lagate hain cachchon se,
chcha Nehru kahlate hai Nehru bachchon se,
Chacha Nehru Amar Rahein, Chacha Nehru Amar Rahein

Nehru ke sapnon ka bharat banta bachchon se,
Bhahar ke sapno ko milte pankh bachchon se,
Jeewan ka har rang ranga hai bachchon se,
Har ghar ka aangan kilkata bachchon se,
Sabko milta najeewan ghar ke bachchon se,
Bachchon ko milta samman hamare Nehru se,
Chacha Nehru Amar Rahein, Chacha Nehru Amar Rahein

Bal divas ki shobha desh men bachchon se,
Bal bhawan saja hai desh men bachchon se,
14th November din hai amar bachchon se,
Jan divash hai yeh Nehru ka bachchon se,
Bharat Bhagya Vidhata ko yad Karen ham bachchon se,
Chacha Nehru Amar Rahein, Chacha Nehru Amar Rahein

Tuesday, November 13, 2012

Diwali hai bhai diwali hai.


Diwali hai bhai diwali hai,
Kahin shor hain bachchon ka, to kahin shor bazaron ka,
Kahin rel pel aage jane ki, jaldi baar men khareedne ka,
Kahin koi kho gaya bheed men, to uska rona dhona jor ka,
Kahin mile hain bichhude, man meet rang badla diwali ka,
Sabse badii  Milan ki ghadi, apno ke salon bad  milne ka,
Sabko hai intjar is din ka, Diwali hai bhai Diwali hai,

Roshni ka bazaar garm hai, kisi ko chinta hai pataka lane ka,
koi pareshan hai manpashand ko, jaldi bazaar men milne ka,
koi Milan ko chintit hai intzar bhari, hota ja raha unke aane ka,
koi intzar men baitha hai, kinare par kisi ki gaadi jaldi aane ka,
kai bhoola hai milne ko ,kya dega kisii ko kya kya khane ka,
yasi to bekarari hai, Diwali hai bhai Diwali hai,

kahiin patakon ke shor hai to, koi bamon kii unchi men laga hai,
koi Ashman men rang bikherta hai, to kisii ka aavaz pe jor hai,
koi roshni men magan hai, to koi tashbeer sa sajane par jor hai,
koi sitare Ashman men chamkata, to koi door gagan men jata hai,
koi jamiin ko sitaron se sajaraha hai, to koi aag ka ped  banata hai,
roshnii ka bazaar charo or, Diwali hai bhai diwali hai

Bacho burai se deti ye sandesh,  apno ko aake diwali,
Prem badhao aapas men, mausam badal jayega hai diwali,
Bachcho se lo seekh banao, paraye ko bhi apna aai diwali,
Giron ki chinta karo kabhi kabhi, apne banege yahi hai diwali,
Jo doosre ke liye jeeta hai,  laxmi kripa karti us par hai diwali,
Sab milke haso our khushone do, Diwali hai bhai diwali hai.


Monday, November 12, 2012

तो समझो प्यार हो गया है,


हर समय उदासी मुख पर,मन में भारीपन है, 
तो समझो प्यार हो गया है,

हर आहट पे दिल काँपे,
मन विचलित हो जाए,
उंगली दांतों में आ जाए,
सारा बदन सिहर सा जाए,
तिरछी आँखों से देखा न जाए,
चारो ओर नजर न जाए,
तन से ऐसी खुशबू आए,
मन जिसको पहचान न पाये,
तो समझो प्यार हो गया है,

आँखें झुकी झुकी-झुकी सी,लव खुले खुले रह जाएँ,
गेसू बिखरे बिखरे से ,आँचल लुढ़का... लुढ़का सरका जाए,
मन रह-रह चंचल हो जाए, दिल हरदम घबराता जाय,
चूड़ी की खन-खन सूझे न, मन कंगन की झंकार न भाए,
तो समझो प्यार हो गया है,

जीवन से अनबन हो जाए ,मन भी चंचल टिक न पाये,
हर आहट पे उसकी याद आए,एक एक पल भारी हो जाए,
घर मे अंदर-बाहर का सोंचे, किसी अज्नबी की चाह जगाए,
पायल की आवाज न आए,नूपुरों की रुन-धुन समझ न पाये,
तो समझो प्यार हो गया है,

आँखों में धुंधली तसबीर रहे,पढ़ने में मन अनंत में खोजे,
मिलने की तड़पन आ जाए, दिन रातें लंबी हो जाएँ,
चाँद सितारों मे मन न भरमाए,मौसम की खुसबू न पाये,
उंगली बालों में हरदम रहे,भूख प्यास से विरक्त तन रहे,
तो समझो प्यार हो गया है,

पिया मिलन की आस जागे,
पाँव कहीं का कहीं पड़े,
काजल बार–बार बह जाये,
बिंदिया माथे पर न रुक पाये,
नथ की कंपन रुक रुक जाए,
भौहों मे थिरकन आ जाए,
लाली चेहरे की घट जाए,
अक्सर आँखों मे आँसू आ जाए,
तो समझो प्यार हो गया है,



ऐसी स्थिति जब हो जाए,
अपने भी लगे पराए से,
घर की चीजों से नफरत होवे,
मिलने से मन खुस ना हो,
जीवन में सब अन्बना लगे, 
खाली खाली तन मन लागे,
बहकी बहकी बातें करना,
बात बात पर सबसे रूठ जाए,
तो समझो प्यार हो गया है,
   



गीत मिलन के गालें


आओ एक बार साथ मिलके गीत मिलन के गालें,
भूली बिसरी यादों के रंगीन बागीचे फिर से सजालें,
कल न जाने फिर मिलने की बेला मिले न मिले,
आओ अपनी यादों के आँसू मिलके आज बहालें,
लुटते चमन के हम भी रवा दार हुआ करते थे,
आज बिछुड्ते है कभी यहीं पर मिला करते थे,  
न जाने कितने प्रेमी युगल यहाँ मिलकर रोये होंगे,
आँसू से सींची गई जमीन पर भी फूल खिले होंगे,
कल और आएंगे अपनी प्रेम कहानी लिखने वाले,
सपनों के उनमुक्त गगन में साथ मिलके उड़ने वाले, 
दुखों के सागर की गहराई में ही आँसू के मोती मिलते,
आँसू को सजोना जाने उसको ही प्यार के मोती मिलते,
प्यार लिखा जाता आँसू की स्याही में कलम डुबाके,
तकदीर बदलती साथी मिलते और बिछुडते बिना बताके,

तुम आओ जीवन सूना सूना है,


तुम आओ जीवन सूना सूना है,
राह रंगीली मौसम भीना भीना है,

मन खाली तन रूखा रूखा लगता है,
तेरे बिन अपना जीवन अधूरा लगता है,

हर समय तुम्हारी याद क्यों सताती है,
सायद तुम मुझसे मिलने को आती हो,

मुझको तेरा आँचल लहराता दिखता है,
काजल का अँधियारा दिन में लगता है,

बालों की खुसबू तेरे गजरे सी लगती है,
बिंदिया की चमक बिजली सी दिखती है,

पाजेब बजे तो मैं न जाने कहीं खो जाता हूँ,
तेरे आने की आहट से मै कुछ घबरा जाता हूँ,

शायद मैं कुछ कम  समझा हूँ तुमको,
मेरे संग चलो तो अपना समझूँ तुमको,