Wednesday, October 3, 2012

तुम ही तो हो.........


तुम ही तो हो


आज किसी की याद नहीं आती तो मन उदास न होता ,
क्योंकि तुम कंही खो से गए हो,
सारा प्रयास भी विफल रहा है ढुढ़ने के,
मगर तुम भी तो यूं जा नहीं सकते,
आओगे तुम्हें आना ही होगा मेरा मन बोलता है ,
मेरा मन तुमको बुला ही लाएगा,
जिंदगी अकेले नहीं चलती बिना साथी के,
साथी तो हर को चाहिए, आ जाओ कब तक छुपोगे,
तुम न आए तो हमारा भी भ्रम टूट जाएगा,
कि कोई हमारा भी था,
सपनों का संसार बिखर जाएगा,
तुम्हारे बिना जीवन रुक सा गया है,
तुम कभी नहीं चाहते कि हम भी,
उदास रह कर तुम्हारी रह ताकू,
जिंदगी कि रहें लंबी होती जाती है तुम्हारे बिना,
आओ फिर से मिलकर वही गीत गालें जो हमनी कभी गए थे ,
फिर वही वादियो कि यादें जगाले जहां हम मिले थे तुमसे,
मेरे बिना तुमको भी नीद न आती होगी,
केवल आँखें बंदकर सोने का नाटक कर रही होगी,
चलो मै हार  मान लेता हूँ तुम मान जाओ ,
फिर से नया जीवन शुरू करते है,
आओ आओ कैसी प्यार कि बयार बहने लगी है,
शायद भगवान भी हमें मिलाने को बहारें लाया है,
मै तेरा हूँ तू मेरी है मेरा मन तेरी वीड़ा है ,
तू मेरे मन वीणा का तार है,
अब प्यार का संगीत बजेगा,
सावन आयेगा,बादल बरसेगा हवा चलेगी मंद मंद
यही  प्यार कि पहचान है,
कभी रूठो कभी मन जाओ,
बस मान भी जाओ-हमारे लिए-प्यार के लिए-अपने लिए ।   
   

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