हर समय उदासी मुख पर,मन में भारीपन है,
तो समझो प्यार हो गया है,
उंगली दांतों में आ जाए,
सारा बदन सिहर सा जाए,
सारा बदन सिहर सा जाए,
तिरछी आँखों से देखा न जाए,
चारो ओर नजर न जाए,
चारो ओर नजर न जाए,
तन से ऐसी खुशबू आए,
मन जिसको पहचान न पाये,
मन जिसको पहचान न पाये,
तो समझो प्यार हो गया है,
आँखें झुकी झुकी-झुकी सी,लव खुले खुले रह जाएँ,
गेसू बिखरे बिखरे से ,आँचल लुढ़का... लुढ़का सरका जाए,
मन रह-रह चंचल हो जाए, दिल हरदम घबराता जाय,
चूड़ी की खन-खन सूझे न, मन कंगन की झंकार न भाए,
तो समझो प्यार हो गया है,
जीवन से अनबन हो जाए ,मन भी चंचल टिक न पाये,
हर आहट पे उसकी याद आए,एक एक पल भारी हो जाए,
घर मे अंदर-बाहर का सोंचे, किसी अज्नबी की चाह जगाए,
पायल की आवाज न आए,नूपुरों की रुन-धुन समझ न पाये,
तो समझो प्यार हो गया है,
आँखों में धुंधली तसबीर रहे,पढ़ने में मन अनंत में खोजे,
मिलने की तड़पन आ जाए, दिन रातें लंबी हो जाएँ,
चाँद सितारों मे मन न भरमाए,मौसम की खुसबू न पाये,
उंगली बालों में हरदम रहे,भूख प्यास से विरक्त तन रहे,
तो समझो प्यार हो गया है,
काजल बार–बार बह जाये,
बिंदिया माथे पर न रुक पाये,
बिंदिया माथे पर न रुक पाये,
नथ की कंपन रुक रुक जाए,
भौहों मे थिरकन आ जाए,
भौहों मे थिरकन आ जाए,
लाली चेहरे की घट जाए,
अक्सर आँखों मे आँसू आ जाए,
तो समझो प्यार हो गया है,
अक्सर आँखों मे आँसू आ जाए,
तो समझो प्यार हो गया है,
ऐसी स्थिति जब हो जाए,
अपने भी लगे पराए से,
घर की चीजों से नफरत होवे,
मिलने से मन खुस ना हो,
जीवन में सब अन्बना लगे,
खाली खाली तन मन लागे,
बहकी बहकी बातें करना,
बात बात पर सबसे रूठ जाए,
तो समझो प्यार हो गया है,
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