आँखों की तकदीर बेचारी को क्या
कहिए, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
आँसू दुख या सुख के आते आँखों
में ही, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
भावों की तहरीर बदलती बार-बार
मगर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
समय बदला राग बदला आँसू बदले मगर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
दोस्त मिले या बिछुड़े प्रेमी अपने
प्रेमी से, हरदम आँखें रोने को मजबूर
रहीं,
माँ भेंटे या भाई-बहनें आते जाते
पीहर से, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
साजन आए या जाये बिछुड़ कर परदेश, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
दुख-दर्दों में जीवन का साथ निभाते
आँसू, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
चलन बदलता हवा बदलती मौसम की, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
हर आहट पर दिल काँपे मन डोले पर, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
कैसा आना कैसा जाना कैसा मिलना, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,
कोई साथी अपना साथ निभाता न निभाता, हरदम आँखें रोने को मजबूर रहीं,


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