(1)
sukhe darakht bhi apnii
baat kahte hai,
patti na rahiin to kya
tahnii bhi kahtii hai,
tan kii khal nahii
rahgayeee to kya aas to hai,
jinda hun ab talak magar pyaas bakii hai,
सूखे दरख्त भी अपनी बात कहते है,
पत्ती न रहीं तो क्या टहनियां भी कहती है
तन पर खाल नाही रहजाएगी तो
क्या आस तो रहेगी,
जिंदा हूँ अब तक मगर प्यास
अभी बाकी है,
chahat marii nahi hai
ummiid abhi baki hai,
log abhi bhi dekhne aate
hai ujade chaman ko,
shayad unko bhi yaad
aaye dekhne aur chalii ayen
,
चाहत मरी नहीं है उम्मीद अभी बाकी है ,
लोग अभी भी देखने आते है उजड़े चमन को,
शायद उनको भी याद आए और
देखने चली आयें,
में तो खुश हूँ की उनकी
आरजू अभी जिंदा तो है,
raste saaf karta hun ki
kahin kanta n lage,
pair najuk hote hai unke
ladkhada n jaye yahan,
pyas bhi ajeeb cheej hoti
hai na bujhti hai bar bar,
peete peete jindagi
intjaar men kattii jati hai,---radhey radhey
रास्ता साफ करता हूँ की कहीं कांटा न चुभे उनको
पैर नाजुक होते है उनके यहाँ लड़खड़ा न जाये ,
प्यास भी अजीब होती है न बुझती है बार बार ,
पीते पीते जिंदगी इंतेजार में कटती जाती है, राधे-राधे
(2)
हमने सभी से बातें करना भी बंद कर दिया,
अपनों को अपना हाल बताना भी बंद कर दिया,
कोई हमारे लिए वो न रोये आना जाना छोड़ दिया,
रास्ते न मिल जायेँ उनकी गली में जाना छोड़ दिया,
किसी को कुछ पता न चले लोगों से मिलना छोड़ दिया,
रास्ते बदल कर चलना मेरी आदत में शामिल नहीं,
रास्ते में कोई पूछे हाले दिल बताना मेरी आदत नहीं,
कोई किसी के काम आया न आया कोई गम नहीं,
मै उनके रास्ते में नहीं आया ये भी कोई कम नहीं,
चलते चलते उनके पाँव मेरे घर तक न आ जाएँ डरता हूँ,
अगर लड़खड़ाई मेरे घर पर तो थाम ही लूँगा इससे डरता हूँ,
कसम टूट जाएगी,बात से हट जाऊंगा,रास्ता बदल करके चलता हूँ,
वो खुश रहें ,सलामत रहें हर वक्त खुदा से दुआ करता चलता हूँ,
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