किसी की यादें है ..........
हमने जिनके लिए जमाना छोड़ दिया,
उनने बुरे वक़्त में साथ हमारा छोड़ दिया,
चाहत की कोई कीमत रही नहीं जमाने में,
परायों के लिए अपनों से मुह मोड लिया,
जाते जाते मूड मूड के हमें देखते है,
न रोते न मुस्कराते नजर आते हैं,
किसके लिए इतना तन तन के चल रहे हों,
अच्छे अच्छों को जमाने में बदलते देखा है,
मौशम भी बदलता, आता जाता रहता है रुक रुक के,
दिल है की उनके लिए बराबर धड़कता चुपके चुपके,
हमने गलियों में उनको उदास होके रोते देखा है,
मुसकरोते रहो हम पास पास न सही दूर दूर तो है,
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